Wednesday, 30 Sep 2026

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर

मुंबई (07 मार्च 26)। इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जवाब में ईरान ने बहरीन, कतर और कुवैत समेत कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इसके साथ ही ईरान ने वैश्विक तेल सप्लाई के सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का कदम उठाया है। यह वही रास्ता है जहां से खाड़ी देशों का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का निर्यात दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

वैश्विक तनाव के बीच भारत के लिए एक सकारात्मक आर्थिक संकेत सामने आया है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.88 अरब डॉलर बढ़कर 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले एक सप्ताह पूर्व यह भंडार घटकर 723.60 अरब डॉलर रह गया था। वहीं फरवरी के मध्य में यह 725.72 अरब डॉलर तक पहुंचा था, जो उस समय तक का उच्च स्तर था।आरबीआई के मुताबिक कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का होता है। समीक्षा वाले सप्ताह में इसमें करीब 56 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 573.12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इन परिसंपत्तियों की गणना डॉलर में की जाती है, लेकिन इनमें यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी अन्य प्रमुख मुद्राओं के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल रहता है।

केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार देश के स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में सोने का कुल मूल्य 4.14 अरब डॉलर बढ़कर 131.63 अरब डॉलर हो गया। इसके अलावा स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स यानी एसडीआर में भी हल्की बढ़ोतरी हुई और यह 18.87 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत का आरक्षित हिस्सा भी बढ़कर 4.87 अरब डॉलर हो गया है।




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