Wednesday, 30 Sep 2026

देश की पहली अंडरवॉटर रेल-रोड टनल को मंजूरी

नईदिल्ली (15 फरवरी 26)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे भारत की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग समेत गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच चार लेन वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 18,662 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है। 

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि वर्तमान में, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-715 पर स्थित नुमालीगढ़ और एनएच-15 पर स्थित गोहपुर के बीच की दूरी एनएच-52 पर सिलघाट के निकट स्थित कालियाभम्भोरा सड़क पुल से 240 किलोमीटर है। इसमें नुमालीगढ़, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बिश्वनाथ कस्बे से होते हुए छह घंटे का समय लगता है। इसमें कहा गया है, 'इन चुनौतियों से निपटने के लिए, इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग-15 पर गोहपुर से नुमालीगढ़ तक ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सड़क-सह-रेल सुरंग के साथ चार-लेन ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है।' बयान में कहा गया है कि यह परियोजना इंजीनियरिंग-खरीद-निर्माण (ईपीसी) मॉडल पर विकसित की जाएगी। यह भारत की पहली और विश्व की दूसरी सड़क-सह-रेल सुरंग होगी। इस परियोजना से असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होगा। इससे माल ढुलाई की दक्षता में वृद्धि होगी, रसद लागत में कमी आएगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 

बयान के अनुसार, यह परियोजना असम के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और रसद केंद्रों को निर्बाध रूप से जोड़ती है। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना 11 आर्थिक केंद्रों, तीन सामाजिक केंद्रों, दो पर्यटन केंद्रों और आठ रसद केंद्रों से जुड़कर 'मल्टी-मोडल' एकीकरण को बढ़ावा देगी, जिससे चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों, दो हवाई अड्डों और दो अंतर्देशीय जलमार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और इस क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज होगी। इसके अनुसार, परियोजना पूर्ण होने पर रणनीतिक दृष्टिकोण, क्षेत्रीय आर्थिक विकास, प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क सुदृढ़ करने और व्यापार एवं औद्योगिक विकास के नए द्वार खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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