Thursday, 01 Oct 2026

देश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बनी मिसाल

नईदिल्ली (21 सितंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है।

मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।

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