Tuesday, 29 Sep 2026

दो दिन के अंदर खुल सकता हॉर्मुज: बेसेंट

वाशिंगटन (04 अगस्त 26)। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार या बुधवार तक ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे हॉर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। बेसेंट ने CNBC के कार्यक्रम Squawk Box में कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और आज या कल समझौते की संभावना है। उनके मुताबिक, संभावित समझौते में हॉर्मुज से जहाजों को 'फ्रीडम ऑफ मूवमेंट' यानी बिना किसी रुकावट के आवाजाही की अनुमति मिल सकती है।  

बेसेंट से जब पूछा गया कि क्या ईरान व्यावसायिक जहाजों से गुजरने के लिए कोई शुल्क ले सकेगा, तो उन्होंने कहा कि संभावित व्यवस्था में 'freedom of movement' होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में स्थिति तनावपूर्ण रहने के बावजूद कुछ जहाज हॉर्मुज से बाहर निकल रहे हैं। हालांकि, समुद्री यातायात अभी भी सामान्य स्तर से काफी नीचे है। रॉयटर्स के मुताबिक, सोमवार को हॉर्मुज से केवल छह जहाज गुजरे, जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह संख्या 100 से अधिक रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने दावा किया कि हॉर्मुज क्षेत्र में सैकड़ों, संभवतः करीब 1,000 जहाज बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें केवल तेल टैंकर ही नहीं बल्कि उर्वरक, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद और औद्योगिक गैसों को ले जाने वाले जहाज भी शामिल हैं। अगर समुद्री रास्ता पूरी तरह खुलता है तो वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव कम हो सकता है।  बेसेंट का कहना है कि रास्ता खुलने के बाद इन वस्तुओं की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हॉर्मुज को खोलने की संभावित डील की खबर का असर तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई और कीमत 77 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गई। बाजार में उम्मीद है कि हॉर्मुज से सामान्य आवाजाही शुरू होने पर तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कम होगी। हालांकि यहां मामला इतना आसान नहीं है। अमेरिका की तरफ से बातचीत और समझौते की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत होने से इनकार किया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हॉर्मुज को लेकर बातचीत ईरान और ओमान के बीच चल रही है और इसका अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से संबंध नहीं है। ईरान पहले भी कह चुका है कि वह हॉर्मुज के संचालन और जहाजों की आवाजाही से जुड़े नियमों पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।

Tags:

Follow us

This question is not available..!