Wednesday, 30 Sep 2026

दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से दूंगा इस्तीफा: केजरीवाल

नईदिल्ली (16 सितंबर 24)। नई दिल्ली में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। अपने भाषण में उन्होंने अपनी हालिया जेल यात्रा और वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "आज मैं आप की अदालत में आया हूं, जनता की अदालत में आया हूं।" इस बयान के माध्यम से उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे अपनी ईमानदारी और कार्यशैली के बारे में जनता से सीधे पूछताछ कर रहे हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से सवाल किया कि क्या वे उन्हें ईमानदार मानते हैं या गुनहगार। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वे दो दिन के भीतर मुख्यमंत्री की कुर्सी से इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे तब तक कुर्सी पर नहीं बैठेंगे जब तक जनता अपना निर्णय नहीं सुनाएगी। 

केजरीवाल ने बताया कि जेल में उन्हें सोचने और किताबें पढ़ने का काफी समय मिला। इस दौरान उन्होंने भगत सिंह की जेल डायरी पढ़ी। उनके अनुसार, भगत सिंह ने जेल में कई पत्र लिखे थे और उन्होंने शहादत के 95 साल बाद एक क्रांतिकारी मुख्यमंत्री की तरह जेल की यात्रा की। केजरीवाल ने यह भी बताया कि उन्होंने जेल से एक पत्र एलजी को लिखा था, जिसमें उन्होंने आतिशी मार्लेना को 15 अगस्त पर झंडा फहराने की अनुमति देने की मांग की थी। इस पत्र को एलजी साहब तक नहीं पहुँचाया गया और उन्हें चेतावनी दी गई कि अगर उन्होंने फिर से पत्र लिखा तो परिवार से मुलाकात भी बंद कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जेल के भीतर से सरकार कैसे चल सकती है, तो उन्होंने साबित किया कि जेल से भी सरकार चल सकती है। उन्होंने अन्य गैर-भाजपा मुख्यमंत्रियों से अपील की कि अगर कभी उन्हें गिरफ्तार किया जाए, तो उन्हें डरना नहीं चाहिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी की ईमानदारी और दृढ़ता को गर्व के साथ प्रस्तुत किया और कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार चलाने के लिए एक नया फॉर्मूला साबित किया है।

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