Thursday, 01 Oct 2026

दो लाख से ज़्यादा ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

जम्मू (15 जुलाई 25)। पवित्र अमरनाथ यात्रा में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। पिछले 11 दिनों में दो लाख से ज़्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। इसी कड़ी में सोमवार को 6,143 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों ने बताया कि आज सुबह 6,143 यात्रियों का एक और जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए निकला।

पहला काफिला: 100 वाहनों का यह पहला काफिला 2,215 यात्रियों को लेकर सुबह 3:30 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। दूसरा काफिला: वहीं, 135 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला 3,928 यात्रियों को लेकर सुबह 4 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए निकला। अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में पहलगाम में एक हमला हुआ था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी। सुरक्षा बढ़ाने के लिए, 180 अतिरिक्त सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताक़त में शामिल किया गया है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से लेकर गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों (बालटाल और पहलगाम) के रास्ते में बने सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने पूरी तरह सुरक्षित कर लिया है।

यात्रा मार्ग और नियम- पहलगाम मार्ग: इस मार्ग का उपयोग करने वाले श्रद्धालु चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं। यह 46 किलोमीटर की पैदल दूरी है जिसे तय करने में तीर्थयात्रियों को चार दिन लगते हैं। बालटाल मार्ग: यह छोटा मार्ग है, इस पर चलने वाले श्रद्धालुओं को गुफा मंदिर तक पहुँचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और वे यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं। सुरक्षा कारणों से, इस साल यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।

यात्रा की अवधि-अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और यह 38 दिनों तक चलेगी। इसका समापन 9 अगस्त को होगा, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का दिन है।

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