Thursday, 01 Oct 2026

नये वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन, देश का पहला राज्य बना मप्र

भोपाल (06 जुलाई 26)। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने नये अधिनियम के अनुसार वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है। देश में पहली बार दो गैर मुस्लिम को बोर्ड में जगह मिली है। यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय के तहत मध्यप्रदेश में नये वक्फ बोर्ड का गठन किया है। इस संबंध में मध्यप्रदेश राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है। म.प्र. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल होंगे। वक्फ बोर्ड में कुल 10 सदस्य बनाये गये है, जिनमें 2 हिन्दू सदस्य मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को भी शामिल किया गया है। नये अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

राज्य शासन ने वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की धारा-13 (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, अधिनियम की धारा-14 में उल्लेखित प्रावधान अनुसार वक्फ बोर्ड का गठन किया है। नये वक्फ बोर्ड में नजमा हेपतुल्ला नई दिल्ली, आतिफ अकील विधायक भोपाल (उत्तर), फैजान खान उज्जैन, बहन फातेमा चौधरी इंदौर, शाइस्ता सुल्तान पार्षद बैरसिया भोपाल, शबाना खान पार्षद रतलाम, मनोज मालपानी इंदौर, अनिमेश भार्गव राघौगढ़ गुना और आयुक्त पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण को सदस्य बनाया गया है। नजमा हेपतुल्ला, वक्फ अधिनियम, 1995 (यथा संशोधित, 2013) की धारा 14 के अंतर्गत 19.04.2023 की अधिसूचना द्वारा निर्वाचित श्रेणी से नियुक्त सदस्य हैं। इनका कार्यकाल 18.04.2028 तक प्रभावी है अत: इनका नाम नवीन अधिसूचना में शेष कार्यकाल के लिये सम्मिलित किया गया है। देश में पहली बार वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति हुई है। मध्य प्रदेश सरकार का दावा है कि वह वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के प्रावधानों के तहत बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

 

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