दतिया (11 जुलाई 26)। विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से टिकट के प्रमुख दावेदार माने जा रहे पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को इस बार पार्टी ने मौका नहीं दिया। उनकी जगह भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। उपचुनाव की घोषणा के बाद से डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया में सक्रिय नजर आ रहे थे। संगठनात्मक बैठकों से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मौजूदगी को टिकट की तैयारी के रूप में देखा जा रहा था। यही वजह थी कि अधिकांश राजनीतिक चर्चाओं में उनका नाम सबसे आगे चल रहा था।
हालांकि, प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी होते ही सभी कयास बदल गए। भाजपा ने नए चेहरे पर भरोसा जताते हुए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस फैसले के बाद दतिया की राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। अब चुनावी मुकाबले में भाजपा की रणनीति और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। दतिया में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भारी बवाल हो गया है। सड़कों पर बीजेपी कार्यकर्त्ताओं ने जमकर हंगामा काटा है। अब बड़ी खबर आ रही है कि दतिया में बड़े स्तर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित सभी पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबर है। सभी भाजपा पार्षदों ने भी इस्तीफे देकर विरोध का बिगुल फूंक दिया है। दतिया में भाजपा के लिए ये मुश्किल घड़ी समझी जा रही है।
गुस्साए समर्थको का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा अमित शाह के खास हैं और प्रदेश के नेता उन्हें पसंद नहीं करते हैं, ये नेता नहीं चाहते कि नरोत्तम मिश्रा मुख्यमंत्री बने। इसलिए ये टिकट काटा गया है। दतिया की जनता के साथ धोखा हुआ है। ये टिकट नरोत्तम मिश्रा का नहीं कटा है अमित शाह के छोटे भाई का टिकट कटा है। इसलिए वो अमित शाह से अपील करते हैं कि फिर से विचार करके नरोत्तम मिश्रा को टिकट दिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सब इस्तीफा दे देंगें।