भोपाल (22 सितंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मुझे गर्व है कि मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना के शुभारंभ के साथ ही नवकरणीय ऊर्जा में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नया मानक स्थापित किया है। यह भारत की पहली परियोजना है, जो रिकार्ड न्यूनतम 2 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट टैरिफ पर स्थिर और डिस्पैचेबल नवकरणीय ऊर्जा प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2025 तक सौर क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट पर पहुंच चुकी है, जिसे वर्ष 2035 बढ़ाकर 33 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल प्रमोशन पालिसी, रिन्यूएबल एनर्जी पालिसी 2025 और पम्प हाइड्रो पालिसी 2025 के अंतर्गत औद्योगिक निवेश के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित सीआईआई अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी, मालदीव के पर्यावरण एवं पर्यटन राज्यमंत्री मुवियाथ मोहम्मद, सीआईआई और ई.वाय इंडिया के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगला अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन मध्यप्रदेश में आयोजित करने के लिए सभी को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भारत का दिल नहीं, बल्कि निर्माण गतिविधियों का केन्द्र भी बन रहा है। यह समय हमारे लिए निर्णायक है, वैश्विक परिस्थितियाँ बदल रही हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करते हुए एक ऐसे भारत की नींव रखी जा रही है जो सुरक्षित, सक्षम और विश्व को मार्गदर्शन प्रदान करने की सामर्थ्य रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम सभी नेट जीरो के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्पित होकर कदम बढ़ा रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत और मध्यप्रदेश विश्व के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा।