भोपाल (19 अक्टूबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़कों तथा अधोसंरचना के निर्माण में प्रयुक्त हो रही नवीन तकनीक और विधाओं पर विचार-विमर्श के दौरान प्राचीन काल में हुए निर्माण कार्यों में प्रयुक्त प्रभावी तकनीक पर गौर करना तथा उनसे प्रेरणा लेना भी आवश्यक है। राजा भोज द्वारा एक हजार साल पहले बनाया गया भोपाल का बड़ा ताल मितव्ययता के साथ प्रभावी जल प्रबंधन का अनूठा उदाहरण है। सम्राट अशोक और सम्राट विक्रमादित्य के काल के सिक्कों पर बनी मार्गों के चिन्ह उस काल में सड़कों की महत्ता को दर्शाते हैं। यह तथ्य बताते हैं कि जब भी नवीन तकनीक की बात होगी तो प्राचीन विधा उसकी नींव का आधार बनकर बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन में लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश और इंडियन रोड काउंसिल नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 'सड़क और पुल निर्माण में उभरती नवीनतम प्रवृत्तियों और तकनीकों’ पर केंद्रित दो दिवसीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर सेमीनार का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप नवीनतम तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के साथ व्यवहारिक परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कौशल व दक्षताओं को महत्व देना आवश्यक है। यह सेमिनार मितव्ययता से संसाधनों का उपयोग करते हुए गुणवत्ता के साथ सड़क और अधोसंरचना निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि सड़क तथा अन्य अधोसंरचना निर्माण में प्रयुक्त नवीनतम प्रौद्योगिकी, तकनीक और नवाचारों पर विचार-विमर्श के लिए राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार भोपाल में आयोजित हुआ और प्रधानमंत्री मोदी के मंत्री-मंडल के सक्रिय ऊर्जावान और नेतृत्व क्षमता के धनी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गडकरी शीघ्र ही अधोसंरचना निर्माण के लिए प्रदेश को 25 हजार करोड़ रुपए की सौगात देने वाले हैं। यह सभी प्रदेशवासियों के लिए प्रसन्नता का विषय है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारतीय रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिकन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से बेहतर होगा। यह लक्ष्य हम देश के इंजीनियरों और जनसामान्य के सहयोग से प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को लेकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वॉटर, पॉवर, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन की होती है। इन 4 फेक्टर पर ही व्यापार-व्यवसाय और उद्योग विकसित होता है। साथ ही रोजगार के अवसरों का सृजन भी होता है। इस उद्देश्य से ही प्रधानमंत्री मोदी अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्य सचिव अनुराग जैन, इंडियन रोड काउंसिल के अध्यक्ष केके पिपरी, सचिव एसके निर्मल सहित लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, इंडियन रोड काउंसिल के पदाधिकारी, विषय-विशेषज्ञ तथा इंजीनियर उपस्थित थे।