Tuesday, 29 Sep 2026

नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान को मिला जनसमर्थन

इंदौर (22 जुलाई 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में संचालित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के सातवें दिवस मध्यप्रदेश पुलिस ने जनभागीदारी के साथ व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, औद्योगिक इकाइयों, धार्मिक स्थलों, हाट-बाजारों, बस स्टैंडों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों से संवाद कर नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया। अभियान के अंतर्गत चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन, रंगोली एवं निबंध प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों, मानव श्रृंखलाओं, जागरूकता रैलियों, जनसंवाद, शपथ ग्रहण, डिजिटल प्रचार तथा सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया गया।

अभियान के सातवें दिन इंदौर कमिश्नरेट में एक साथ 3 जागरूकता रथ, 25 एलईडी स्क्रीन एवं 60  बड़े बिलबोर्ड  के माध्यम से निरंतर नशामुक्ति संदेश प्रसारित किए गए। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पेंटिंग, स्लोगन , रंगोली,  कविता, निबंध एवं ओपन माइक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न थाना क्षेत्रों, चौराहों , बस्तियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों से संवाद कर नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। सोशल मीडिया रील्स, पॉडकास्ट तथा मोहल्ला समितियों की बैठकों के माध्यम से अभियान को डिजिटल और सामुदायिक दोनों स्तरों पर प्रभावी बनाया गया। खंडवा जिले में पुलिस द्वारा 28  विभिन्न स्थानों  पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर में संयुक्त बाइक रैली निकालकर नागरिकों को नशे के विरुद्ध जागरूक किया गया। स्कूलों, छात्रावासों , महाविद्यालयों,  ग्राम पंचायतों , बस स्टैंडों तथा ओंकारेश्वर सहित अनेक स्थानों पर जनसंवाद आयोजित हुए।

खरगोन पुलिस ने विद्यालयों में प्रतियोगिताओं के साथ विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाई गई। डायल-112 वाहनों के माध्यम से ऑडियो जिंगल प्रसारित किए गए। नगर निगम की एलईडी स्क्रीन पर लगातार नशामुक्ति संदेश चलाए गए। व्यापारिक संगठनों, वाहन संघों, पत्रकारों , सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर समाज के प्रत्येक वर्ग को अभियान से जोड़ा गया। अस्पतालों, खदान क्षेत्रों तथा सार्वजनिक स्थलों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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