मुंबई (10 अक्टूबर 24)। टाटा संस के मानद चेयरमैन और टाटा ट्रस्ट के चेयरपर्सन, व्यवसायी और परोपकारी रतन नवल टाटा का निधन हो गया। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने ‘‘मित्र और मार्गदर्शक'' रतन टाटा के निधन की पुष्टि की। सोमवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया, जहां उन्हें उम्र संबंधी बीमारियों के चलते भर्ती कराया गया था। 7 अक्टूबर को रतन टाटा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को 'अफवाह' बताकर खारिज किया था। उन्होंने अपने फॉलोअर्स को बताया था कि चिंता की कोई बात नहीं है और वे उम्र से संबंधित चिकित्सा जांच करा रहे हैं। रतन टाटा 1991 में टाटा संस के चेयरमैन बने और 2012 में रिटायर होने तक समूह का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में, उन्होंने टाटा टेलीसर्विसेज की स्थापना की और टाटा समूह को घरेलू कंपनी से एक वैश्विक पावरहाउस में बदल दिया। उन्होंने टेटली, कोरस और जगुआर लैंड रोवर जैसी कंपनियों का अधिग्रहण किया, जिससे टाटा समूह की ताकत और बढ़ी। रतन टाटा की नेतृत्व में टाटा समूह 100 बिलियन डॉलर से अधिक के वैश्विक व्यापार साम्राज्य में विकसित हुआ। दिसंबर 2012 में उन्होंने अपने पद से रिटायरमेंट लिया, और उनकी जगह साइरस मिस्त्री ने पदभार संभाला, जिनका 2022 में एक कार दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि रतन टाटा एक दूरदर्शी कारोबारी नेता थे, एक दयालु आत्मा और असाधारण इंसान थे। पीएम मोदी ने लिखा है कि उन्होंने अपनी विनम्रता, दयालुता और हमारे समाज को बेहतर बनाने के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता के कारण कई लोगों के बीच अपनी जगह बनाई। वहीं रतन टाटा के निधन पर राजनाथ सिंह ने शोक जताया है। उन्होंने कहा है कि रतन टाटा भारतीय उद्योग जगत के दिग्गज थे। उनके निधन से दुखी हूं। वहीं उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने रतन टाटा के निधन पर लिखा है- ‘मैं रतन टाटा की अनुपस्थिति को स्वीकार नहीं कर पा रहा हूं। भारत की अर्थव्यवस्था एक ऐतिहासिक छलांग के शिखर पर खड़ी है. और हमारे इस पद पर बने रहने में रतन के जीवन और काम का बहुत योगदान है। टाटा के निधन पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'रतन टाटा की तरह बहुत कम लोगों ने अपनी दूरदर्शिता और ईमानदारी से इस दुनिया पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी है। आज, हमने न केवल एक व्यवसायी दिग्गज को खो दिया है, बल्कि एक सच्चे मानवतावादी को भी खो दिया है, जिनकी विरासत औद्योगिक परिदृश्य से आगे बढ़कर हर उस दिल में बसी है, जिसे उन्होंने छुआ था।' क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक जताया। उन्होंने टाटा के भारत का असली रत्न करार दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली कई पीढ़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी।