Thursday, 08 Oct 2026

नागपुर: लंबी लड़ाई के लिए हाईवे पर बैठे हजारों किसान

नागपुर (30 अक्टूबर 25)। महाराष्ट्र की सियासत और सड़कें दोनों इन दिनों गर्म हैं। पूर्व मंत्री और प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू की अगुवाई में हजारों किसान अब 'मीटिंग नहीं, आंदोलन से न्याय' के नारे के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। नागपुर-हैदराबाद हाईवे पर किसानों ने डेरा डाल दिया है- ट्रैक्टरों की कतारें, सड़क पर पड़े कांटेदार पेड़ और हर ओर गूंजते नारे… दृश्य किसी जनक्रांति से कम नहीं। करीब 25 किलोमीटर तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी हैं और पुलिस बल हालात संभालने में जुटा है।

बच्चू कडू ने साफ कहा है कि यह संघर्ष अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गईं, तो अगला कदम ट्रेन रोकने और भारत बंद का होगा। उनका कहना है कि वर्षों से किसानों को भरोसे और वादों के सहारे रखा गया, लेकिन अब वे अपने अधिकार की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे। कडू ने कहा- अब सरकार की मीटिंग नहीं, जनता की सड़कें न्याय देंगी। यह आंदोलन सिर्फ महाराष्ट्र नहीं, पूरे देश के किसानों की आवाज बनेगा।

किसानों ने अपने आंदोलन के लिए चार स्पष्ट मांगें रखी हैं- संपूर्ण कर्जमाफी, बारिश और फसल नुकसान का उचित मुआवजा, राज्य के दिव्यांग नागरिकों को 6,000 रुपए मासिक भत्ता, सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी। कडू का कहना है कि ये मांगे किसानों के अस्तित्व से जुड़ी हैं, किसी राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा नहीं। प्रदर्शनकारियों ने जब से हाईवे जाम किया है, तब से ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है। कई जगह यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि स्थिति बेकाबू न हो।

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