नईदिल्ली (16 अगस्त 25)। नागालैंड के राज्यपाल ला गणेशन का शुक्रवार को चेन्नई के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। राजभवन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस बीच, गृह विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि गणेशन के निधन के बाद नागालैंड सरकार ने शनिवार से सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और राज्य सरकार के विभागों द्वारा कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े तमिलनाडु के जाने-माने भाजपा नेता गणेशन 2021 से 2025 के बीच मणिपुर, पश्चिम बंगाल और नगालैंड के राज्यपाल रह चुके हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग तथा कई अन्य नेताओं ने गणेशन के निधन पर शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, 'नगालैंड के राज्यपाल ला गणेशन जी के निधन से दुखी हूं। उन्होंने राज्यसभा सदस्य और मणिपुर व पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने जन कल्याण के लिए कार्य किया। तमिलनाडु और देश के विकास में उनके योगदान को याद रखा जाएगा। मैं उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गणेशन के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें एक समर्पित राष्ट्रवादी के रूप में याद किया, जिन्होंने अपना जीवन सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित किया। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘गणेशन ने तमिलनाडु में भाजपा का विस्तार करने के लिए कड़ा परिश्रम किया। तमिल संस्कृति के प्रति भी उनका गहरा लगाव था। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।'
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने गणेशन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक दुर्लभ नेता बताया, जो अपनी राजनीतिक शिष्टता के लिए जाने जाते थे। स्टालिन ने कहा, 'उन्होंने विभिन्न विचारधाराओं के नेताओं का सम्मान करते हुए गरिमा के साथ व्यवहार किया। गणेशन दिवंगत द्रमुक नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का बहुत सम्मान करते थे।' केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी गणेशन के निधन पर शोक व्यक्त किया और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की सराहना की।