Wednesday, 30 Sep 2026

नीमच में रक्त चढ़ाने के दौरान 5 वर्षीय बच्ची की मौत

नीमच (25 अक्टूबर 25)। मध्य प्रदेश के नीमच ज़िले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां थैलेसीमिया से पीड़ित 5 वर्षीय बच्ची की रक्त चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) के दौरान मौत हो गई। यह घटना गुरुवार की बताई जा रही है। मृतका का नाम डिंपल (5) है, जो केसुंडा गांव निवासी विकास आंजना की पुत्री थी। 

बताया गया है कि डिंपल पिछले पांच वर्षों से थैलेसीमिया नामक गंभीर रक्त रोग से पीड़ित थी और उसे नियमित रूप से अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन दिया जाता था। परिवार के अनुसार डिंपल को गुरुवार को सामान्य प्रक्रिया के तहत अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसका नियमित रक्त चढ़ाने का इलाज चल रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्ची को तेज दर्द हुआ और उसकी हालत गंभीर होती गई। डॉक्टरों ने स्थिति बिगड़ने पर उसे उदयपुर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही डिंपल ने दम तोड़ दिया।

बच्ची की मौत के बाद परिवारजन बुरी तरह व्यथित हो उठे और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि डॉक्टर ने बच्ची को ज़रूरत से अधिक दवा दे दी, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर ने समय रहते उन्हें बच्ची की गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दी, जिससे इलाज में देरी हुई और बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया। परिजन और ग्रामीणों ने डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को दी गई है। फिलहाल प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना ने नीमच जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर उचित कदम उठाए जाते, तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

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