मेरठ (01 अक्टूबर 26)। मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में ठिकाने लगाने के मामले में बुधवार को जिला अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। सजा का ऐलान अगली सुनवाई पर किया जाएगा। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के के चौबे ने बताया कि जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सौरभ राजपूत हत्याकांड मामले में आरोपी उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को हत्या और सुबूत मिटाने का दोषी करार दिया है।
चौबे ने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों को सजा के बारे में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया है, जिसके बाद सजा का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अदालत ने 19 सितंबर को दोषसिद्धि पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। चौबे ने बताया कि अदालत ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि समाज में इस प्रकार के जघन्य अपराध के लिये अपराधियों को उचित सजा मिलनी चाहिये, जिससे समाज में स्पष्ट संदेश जाए। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि फैसला सुनाए जाने के समय सौरभ राजपूत की मां, भाई और परिवार के अन्य सदस्य न्यायालय कक्ष में मौजूद थे जबकि मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अदालत में पेश हुए। उन्होंने बताया कि अदालत के फैसले से पहले दोनों आरोपियों के व्यवहार में बदलाव देखा गया था। चौबे ने बताया कि साहिल लगभग चार दिनों तक खामोश और गुमसुम रहा और किसी से ज्यादा बात नहीं कर रहा था, जबकि वह और मुस्कान पिछले तीन दिनों से अपना ज्यादातर वक्त प्रार्थना करने में बिता रहे थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किये थे और लगभग 13 महीने तक चली 126 सुनवाइयों के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है।
चौबे ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की गई है। इससे पहले, अदालत के सम्भावित फैसले को देखते हुए कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उल्लेखनीय है कि तीन मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने अपने पति सौरभ को कथित तौर पर मादक पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए थे और पुलिस ने उन्हें 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश था और दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किए जाने के दौरान आक्रोशित वकीलों ने साहिल की पिटाई कर दी थी।