दुबई (05 अक्टूबर 26)। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार से फोन पर बात की और 'फ्लाईदुबई' के विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की कथित साजिश को नाकाम करने के लिए उन्हें पूरी दुनिया का 'नायक' बताया। नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक अस्पताल में उपचार करा रहे 38 वर्षीय पायलट का हालचाल जाना। 'लाउडस्पीकर मोड' पर की गई इस कॉल का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर साझा किया गया। उन्होंने बातचीत के दौरान मच्छार एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया।
कैप्टन मच्छार से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा, 'यह हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है, जो हम अपने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदान करते हैं। आमतौर पर यह केवल इजराइल के नागरिकों के लिए है, लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजराइल का हर नागरिक आपका सम्मान करेगा। हम उम्मीद करते हैं कि आप जल्द ही इजराइल आएंगे।' इजराइल का स्वतंत्रता दिवस हिब्रू माह इयार के पांचवें दिन मनाया जाता है, जो अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में पड़ता है। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'आप इजराइल, भारत और पूरी दुनिया के नायक हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं आपको (मच्छार) इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित करता हूं।'
पोस्ट में कहा गया, 'आज शाम हुई इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छार से पूछा कि यह सब कैसे शुरू हुआ। इस पर मच्छार ने कॉकपिट के उन भयावह पलों के बारे में कई नयी जानकारियां साझा कीं।' बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही 'फ्लाईदुबई' की उड़ान एफजेडए 1073 में सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह कुल्हाड़ी आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए कॉकपिट में रखी जाती है। इस विमान में 174 यात्री सवार थे और आपात संकेत भेजने के बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया था। नेतन्याहू से बातचीत में कैप्टन मच्छार ने बताया कि हमले से पहले सह-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई थी।
कैप्टन मच्छार ने कहा, '...जब वह प्रार्थना कर रहा था तो मैं सामने की ओर देख रहा था और पीछे की तरफ मेरा ध्यान नहीं था। करीब चार-पांच मिनट बाद अचानक मेरे सिर के पीछे जोरदार प्रहार हुआ।' उन्होंने कहा, 'पहले तो मुझे लगा कि विमान को कुछ भारी नुकसान हुआ है और कुछ गंभीर गड़बड़ी है। लेकिन एक के बाद एक प्रहार होते रहे। तब मुझे समझ आया कि विमान में कोई खराबी नहीं है, बल्कि कॉकपिट में मेरे साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति ने मुझ पर हमला किया है।' उन्होंने कहा, 'मैंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती वार के कारण मेरी आंखों के आगे लगभग अंधेरा छा गया था और मुझे सब कुछ धुंधला दिखाई दे रहा था।'
मच्छार ने बताया कि इसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि विमान 'तेजी से नीचे की ओर जा रहा है'। उन्होंने कहा कि इस हादसे की केवल 'धुंधली सी यादें' ही उनके पास बची हैं। उन्होंने कहा कि वह एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, लेकिन सह-पायलट ने उसे फिर से बंद कर दिया, जिससे वह कॉकपिट के फर्श पर पड़े रहे और उन्हें विमान तथा 'लोगों के चीखने' की आवाजें सुनाई दे रही थीं। कैप्टन ने कहा, 'मुझमें खुद के लिए और यात्रियों की जान बचाने के लिए एक अंतिम प्रयास करने की ताकत बाकी थी। मैंने मन बना लिया था कि अगर मैंने अभी कदम नहीं उठाया, तो मेरा बचना असंभव है।'
मच्छार ने कहा, 'और उसी पल मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी। जान की बाजी लगाकर मैं दरवाजे की ओर बढ़ा और उसे धक्का देकर खोल दिया। गनीमत थी कि बाहर लोग बिल्कुल तैयार थे; (उन्होंने) फौरन मोर्चा संभाल लिया और आगे की कहानी तो आपको मालूम ही है।' नेतन्याहू ने उनके अदम्य साहस की सराहना करते हुए कहा, 'मैं आपके साहस और इतनी कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की आपकी क्षमता से हैरान हूं। आपने कई जिंदगियां बचाईं... दुनिया भर में इसकी सराहना की जा रही है।' शुक्रवार को मच्छार ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी से बात की थी और उन पर हुए हमले के बाद के खौफनाक पलों को साझा किया था।