Thursday, 08 Oct 2026

नेपाल आंदोलन में जान गंवाने वालों को शहीद का दर्जा

काठमांडू (16 सितंबर 25)। नेपाल में Gen-Z युवाओं के ऐतिहासिक आंदोलन के बाद बनी सुशीला कार्की सरकार ने सोमवार को कैबिनेट का विस्तार किया। तीन नए मंत्रियों को शामिल करते हुए नई कैबिनेट ने अपना पहला बड़ा फैसला लेते हुए 17 सितंबर को राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। यह शोक आंदोलन के दौरान शहीद हुए युवाओं के बलिदान और वीरता को सम्मानित करने के लिए समर्पित होगा।

नेपाल में युवा पीढ़ी (Gen-Z) के आंदोलन ने महज चार दिनों में पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया। राजधानी काठमांडू, पोखरा, बुटवल समेत देशभर में युवाओं ने सामाजिक और राजनीतिक न्याय की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों में ओली सरकार के खिलाफ भारी विरोध दर्ज हुआ। इस आंदोलन के दौरान 72 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिनमें 59 प्रदर्शनकारी, 10 जेल कैदी और तीन सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा, दो हजार से अधिक लोग घायल हुए। युवाओं ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश में बदलाव की नींव रखी। सुशीला कार्की कैबिनेट ने आंदोलन में जान गंवाने वाले युवाओं को शहीद का दर्जा देने का ऐलान किया है। यह निर्णय उनके बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। 17 सितंबर को देशभर में झंडे आधा झुकाए जाएंगे, और पूरे नेपाल में शोक का पालन किया जाएगा। कैबिनेट ने पूर्व ओली सरकार द्वारा लिए गए सभी निर्णयों और प्रस्तावों को रद्द करने का भी फैसला लिया। इसका उद्देश्य नई सरकार की नीतिगत स्पष्टता सुनिश्चित करना और भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था स्थापित करना है।

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