काठमांडू (31 अगस्त 26)। नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 781 हो गई, जबकि 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं। आपदा के पांचवें दिन भी बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में लगे हैं, साथ ही फंसे हुए लोगों को निकालने का अभियान भी जारी है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट हिमनद के टूटने के बाद 26 अगस्त को हिमस्खलन जैसी घटना से पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया, जिसने मध्य नेपाल में कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया और जलविद्युत केंद्रों को नष्ट कर दिया। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि इस त्रासदी में मृतकों की संख्या बढ़कर 781 हो गई है। एनडीआरआरएमए के अनुसार, अबतक चितवन जिले से 272 शव, नवलपरासी पूर्व से 199, नवलपरासी पश्चिम से 100 और गोरखा जिले से 58 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह, नुवाकोट से 52, धादिंग से 50, तनहू से 37 और रसुवा से 13 शव मिले हैं। एनडीआरआरएमए ने बताया कि इस आपदा के बाद अब भी 2,502 लोग लापता हैं, जबकि 9435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अब इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए भारत ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम नेपाल भेजी है। यह टीम नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर मृतकों के DNA सैंपल का विश्लेषण करेगी, ताकि शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिल सके। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रविवार को भारतीय फॉरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि टीम बाढ़ में मारे गए लोगों के अवशेषों की पहचान के लिए नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करेगी।