Tuesday, 29 Sep 2026

नौसेना के सभी युद्धपोत पर इंस्टॉल होगी ब्रह्मोस मिसाइल

नईदिल्ली (13 अगस्त 26)। भारतीय नौसेना ने देश की सुरक्षा की दृष्टि से अहम कदम उठाने जा रही है। अपने फ्रंटलाइन युद्धपोतों पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल इंस्टॉल करने की प्रक्रिया को तेज कर रही है। नेवी का टारगेट है कि भविष्य को लेकर मजबूत किया जाए। इंडियन नेवी का प्लान है कि आने वाले वर्षों में बेड़े के बड़े हिस्से में इस मिसाइल को इंटीग्रेट किया जाए। जानकारी के अनुसार नौसेना 2030 तक प्रमुख युद्धपोतों पर ब्रह्मोस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बढ़ा रही है।

जानकारी के अनुसार नेवी ने पिछले एक साल में छह से ज्यादा ब्रह्मोस मिसाइल को सक्षम युद्धपोत बेड़े में शामिल किया है। जिससे कुल संख्या लगभग 20 पहुंच गई है। बता दें कि अब सभी नए कमीशन होने वाली जहाजें ब्रह्मोस सिस्टम से लैस होती हैं। मौजूदा जहाजों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। ब्रह्मोस समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत बनाने वाला प्रमुख हथियार बन चुका है। पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की खूब चर्चा हुई थी। यह मिसाइल भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख स्ट्राइक सिस्टम में शामिल रहा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह मिसाइल अपनी सटीकता और प्रभावी क्षमता की बदौलत दुश्मन को छक्के छुड़ा दिया। इसके बाद भारतीय नौसेना ने इसे व्यापक स्तर पर अपनाने पर जोर दिया है। ब्रह्मोस अब केवल एक्सरसाइज तक सीमित नहीं रह गया बल्कि वास्तविक संचालन में इसका इस्तेमाल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गया है। इसकी सुपरसोनिक गति और लंबी दूरी की मारक क्षमता दुश्मन के जहाजों या तटीय लक्ष्यों पर तेजी से हमला करने में मदद करती है.  

वर्तमान चुनौती और आधुनिक तकनीक को देखते हुए सरकार नई जेनरेशन के सभी युद्धपोत को ब्रह्मोस क्षमता को ध्यान में रखकर डिजाइन कराने का फैसला ले रही है। नीलगिरी क्लास स्टील्थ फ्रिगेट्स जैसे आईएनएस उदयगिरी, आईएनएस हिमगिरी और आईएनएस महेंद्रगिरि में आठ वर्टिकली लॉन्च ब्रह्मोस मिसाइलें लगाई गई हैं। ये जहाजें स्वदेशी डिजाइन के तहत निर्माण किया गया है जिनमें उच्च स्तरीय स्वदेशी सामान का इस्तेमाल हुआ है। साल 2024 में पीएम मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने नौसेना के युद्धपोतों के लिए 220 से ज्यादा ब्रह्मोस एक्सटेंडेड रेंज मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी दी थी।

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