फतेहपुर (18 अक्टूबर 25)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रायबरेली में भीड़ के हमले में मारे गए दलित हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मिलने के लिए शुक्रवार को फतेहपुर जिले में उसके पैतृक आवास पर पहुंचे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। गांधी ने वाल्मीकि परिवार के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए ‘एक्स' पर कहा कि 'हरिओम वाल्मीकि की नृशंस हत्या ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। उनके परिवार की आंखों में दर्द के साथ एक सवाल था - क्या इस देश में दलित होना अब भी जानलेवा गुनाह है?' इसी पोस्ट में गांधी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्रशासन पीड़ित परिवार को डराने में जुटा है। उन्होंने परिवार को मुझसे मिलने से रोकने की कोशिश भी की। यह व्यवस्था की वही विफलता है - जो हर बार गुनहगारों की ढाल बनकर पीड़ित को ही कठघरे में खड़ा कर देती है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पोस्ट में लिखा कि न्याय को नजरबंद नहीं किया जा सकता। भाजपा सरकार को चाहिए कि पीड़ित परिवार पर दबाव खत्म करे और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाए। गांधी ने कहा कि 'मैं हरिओम वाल्मीकि के परिवार और देश के हर शोषित, वंचित और कमजोर नागरिक के साथ मजबूती से खड़ा हूं। यह लड़ाई सिर्फ हरिओम के लिए नहीं - हर उस आवाज के लिए है जो अन्याय के सामने झुकने से इनकार करती है।' कांग्रेस नेता का विशेष विमान दिल्ली से चकेरी हवाई अड्डे पर पहुंचा और यहां से वह सड़क के रास्ते करीब 80 किलोमीटर का सफर तय करके फतेहपुर पहुंचे। उनके दौरे से पहले, सरकार ने हरिओम की बहन कुसुम को फतेहपुर मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स की संविदा नौकरी के लिए ऑफर लेटर जारी किया। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार के साथ करीब 25 मिनट बिताए, इस दौरान उन्होंने हरिओम के पिता गंगादीन, भाई शिवम और बहन कुसुम से बात की, जिनके प्रति उन्होंने संवेदना जताई और पूरे सहयोग देने का वादा किया। राहुल के हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मिलने पहुंचने से कुछ घंटे पहले, हरिओम के भाई शिवम वाल्मीकि ने कथित तौर पर परिवार के साथ एक वीडियो जारी किया, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस नेता को इस दौरे का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए नहीं करना चाहिए। शिवम एक वीडियो में कहते सुने जा सकते हैं, 'हम सरकार से खुश हैं और हमें यहां राजनीति की जरूरत नहीं है।' कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि यह वीडियो भाजपा की तरफ से जारी कराया गया।