पचमढ़ी (04 जून 25)। राजा भभूत सिंह के शौर्य और बलिदान को समर्पित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक पचमढ़ी के राजभवन में हुई। नर्मदापुरम जिले के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रि परिषद ने मे० केसर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक लि० व्दारा क्रियान्वित कम्पोजिट लॉजिस्टिक हब पवारखेड़ा परियोजना को मे० डी.पी.वर्ल्ड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक प्रा० लि० को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय लिया है।
मंत्रि-परिषद ने निर्णय लिया कि प्रमुख राजस्व आयुक्त एवं आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालयों का पुनर्गठन किया जाये। दोनों कार्यालयों के पुनर्गठन के फलस्वरूप एकीकृत कार्यालय का नाम कार्यालय आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन होगा, जिसमें एक मुख्यालय एवं एक सहायक मुख्यालय होगा। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अधीक्षक भू-अभिलेख एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को क्रमशः तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार में समायोजित किया गया है। मंत्रि-परिषद ने श्रम कानूनों में प्रक्रिया का सरलीकरण एवं छोटे और मध्यम स्तर के संस्थानों और उद्द्योर्गों पर अनुपालन के बोझ को कम करने के उद्देश्य से तीन श्रम कानूनों में संशोधन की अनुमति दी है। ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) अधिनियम, 1970 के अंतर्गत वर्तमान में नियोजन के लिए निर्धारित 20 ठेका श्रमिक सीमा को बढ़ाकर 50 ठेका श्रमिक किया गया है। इसी प्रकार औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के अंतर्गत वर्तमान में मात्र लोक उपयोगी सेवाओं में हड़ताल तथा तालाबंदी के पूर्व सूचना-पत्र देने के प्रावधान के स्थान पर इसे समस्त औद्योगिक स्थापनाओं में लागू करने का प्रावधान सम्मिलित किया गया है। मंत्रि परिषद ने तकनीकी आधारित कृषि विकास एवं कृषि उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार की भावी संभावनाओं के दृष्टिगत मध्यप्रदेश में एग्रीटेक हब / इनोवेशन हब फॉर एग्रीकल्चर "Agritech-Hub/Innovation Hub for Agriculture" परियोजना की स्थापना/संचालन के लिए राज्य शासन की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम को सहभागीदार बनाये जाने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में तकनीकी आधारित कृषि की आवश्कताओं के अनुरूप कृषि उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार एवं उत्पादन क्षमता में वृद्धि किये जाने के उद्देश्य से इंदौर में "Agritech-Hub/Innovation Hub for Agriculture" की स्थापना की जाएगी। एग्रीटेक हब के प्रमुख उद्देश्यों में आईआईटी इंदौर में कृषि में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित करना है। यह 46 डीप एग्रीटेक कार्यक्रमों, 40 आविष्कारों, 25 पेटेंट दाखिल करने, 8 स्टार्टअप के इनक्यूबेशन और स्टार्टअप के माध्यम से 10 प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और लाइसेंसिंग समझौतों को सुविधाजनक बनाएगा।