पटना (02 सितंबर 25)। पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा सोमवार को पटना में रैली के साथ संपन्न हुई। यह पदयात्रा बिहार के 23 जिलों से गुजरते हुए सासाराम से 17 अगस्त को शुरू हुई थी। करीब 16 दिनों और 1300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करने के बाद यह यात्रा पटना के गांधी मैदान पर बड़ी रैली के साथ खत्म हुई। इस यात्रा का मकसद मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाना था।
पटना पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर राहुल-तेजस्वी समेत इंडिया ब्लॉक के पदयात्रा को रोक दिया। भारी पुलिस बल के साथ पुलिस ने इलाके को पूरी तरह से घेर लिया। जब पदयात्रा को डाकबंगला चौराहे पर रोका गया तो विपक्षी नेता वहीं रुककर जनता को संबोधित करने लगे। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। इस पदयात्रा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी. राजा और सीपीआई-एमएल के दीपंकर भट्टाचार्य जैसे कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
यह यात्रा मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के खिलाफ जनसामान्य में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई है। इस पदयात्रा के दौरान भारत के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरते हुए लोगों को अपने वोट के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता के बारे में जागरूक किया गया। बिहार जैसे बड़े राज्य में यह कदम खास महत्व रखता है, जहां राजनीतिक जागरूकता को बढ़ाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।