हरिद्वार (12 फरवरी 26)। पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज करते हुए अब तक का अपना सर्वोच्च तिमाही राजस्व हासिल किया है और लगातार दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। वैश्विक स्तर पर कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये-डॉलर विनिमय दर में अस्थिरता और व्यापक आर्थिक दबाव जैसी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने मजबूत वृद्धि और संतुलित लाभप्रदता बनाए रखी है। Q3 FY26 में कंपनी का परिचालन से कुल राजस्व 10,483 करोड़ रुपए रहा, जबकि 9 महीनों (9M FY26) का परिचालन से कुल राजस्व राजस्व 29,013 करोड़ रुपए तक पहुँच गया, जो अब तक का सर्वाधिक है। तिमाही का EBITDA 492 करोड़ रुपए रहा और EBITDA मार्जिन 4.69% दर्ज किया गया। कंपनी की विकास यात्रा में FMCG (तेजी से बिकने वाले उपभोक्ता उत्पाद) व्यवसाय प्रमुख वृद्धि इंजन के रूप में उभरा है और अब यह कुल राजस्व में 30% से अधिक योगदान दे रहा है। यह कंपनी की रणनीतिक दिशा में बदलाव को दर्शाता है, जहाँ खाद्य तेल पर निर्भरता कम कर विविध उपभोक्ता उत्पादों की ओर मजबूती से विस्तार किया जा रहा है। 9M FY26 में FMCG से 3,248 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ और इस अवधि में मार्जिन 11% से अधिक रहा। तिमाही के दौरान FMCG EBITDA ₹353 करोड़ रहा, जिसमें मार्जिन 10% से अधिक दर्ज किया गया। होम एवं पर्सनल केयर (HPC) खंड ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 628 करोड़ रुपए का राजस्व और 157 करोड़ रुपए का EBITDA दर्ज किया, जिसमें मार्जिन लगभग 25% के आसपास रहा। यह वृद्धि स्थिर मांग, प्रभावी मूल्य निर्धारण रणनीति और मजबूत वितरण नेटवर्क का परिणाम है। उत्पाद श्रेणियों में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई, जहाँ घी की बिक्री में 46% और बिस्किट श्रेणी में 26% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई। 1,000 करोड़ रुपए से अधिक बिक्री वाला दूध' बिस्किट ब्रांड वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में ही पिछले पूरे वर्ष की बिक्री को पार कर गया, जो ब्रांड की मजबूत मांग और उपभोक्ताओं की दोबारा खरीद की प्रवृत्ति को दर्शाता है।