Wednesday, 30 Sep 2026

पशुओं की चर्बी: केंद्र ने मांगी रिपोर्ट, FSSAI करेगी जांच

नईदिल्ली (21 सितंबर 24)। तिरुपति मंदिर के प्रसाद, खासकर लड्डुओं, में जानवरों की चर्बी और मछली का तेल मिलाने के आरोप ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह मामला अब एक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है, और केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उन्होंने नायडू से बात की है और एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) द्वारा लैब रिपोर्ट की जांच कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री नायडू ने एक प्रयोगशाला रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि YSR कांग्रेस पार्टी के नेता जगन मोहन रेड्डी के मुख्यमंत्री रहते हुए तिरुपति मंदिर के प्रसाद में इस्तेमाल किए गए घी के नमूनों में बीफ टैलो, मछली का तेल और सुअर की चर्बी के अंश पाए गए हैं। यह आरोप न केवल धार्मिक भावनाओं को भड़का रहा है, बल्कि मंदिर की पवित्रता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। 

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने YSR कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मंदिर और 'सनातन धर्म' को अपवित्र करने का प्रयास कर रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तिरुपति मंदिर प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन घी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक चार सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया गया है। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। यह बयान इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


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