Saturday, 03 Oct 2026

पशुधन और दुग्ध उत्पादन से आएगी समृद्धि: शाह

भोपाल (03 अक्टूबर 26)। केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पशुधन (लाईव स्टॉक) और दुग्ध उत्पादन देश के किसानों और गौवंश पालकों की समृद्धि का प्रमुख आधार है। पशुधन जितना होगा, उतनी ही होगी समृद्धि। देश के किसानों और पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि ही हमारा लक्ष्य है। पशुधन से दुग्ध उत्पादन और दुग्ध उत्पादन से ही गौपालकों के घर समृद्धि आती है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन किसानों और पशुपालकों की आय का बड़ा जरिया है। केंद्र सरकार देश में दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए पशुपालकों को कई प्रकार की सहायता भी उपलब्ध करा रही है। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि भोपाल में हुआ यह विशाल गौपालक सम्मेलन मध्यप्रदेश में हो रही श्वेत क्रांति का एक शुभ संकेत है। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं एक गौपालक हैं, उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश पूरे देश में दुग्धोत्पादन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री शाह ने प्रदेश के सभी गौपालकों से मप्र में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य लेकर चलने की अपील करते हुए कहा कि सब मिल-जुलकर एक साथ आगे बढ़ेंगे, तभी यह लक्ष्य हासिल होगा। मंत्री शाह शनिवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित विशाल राज्य स्तरीय गौ-पालक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

'सहकार से समृद्धि' की थीम पर केंद्रित राज्य स्तरीय सम्मेलन में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया। उन्होंने भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के फर्मेटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये से नव निर्मित राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला तथा शिवपुरी जिले में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। केंद्रीय मंत्री ने सम्मेलन में भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश (बोनस) राशि तथा प्रदेश की गौशालाओं को गौवंश के संरक्षण एवं आहार आदि के लिए 88 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने मंच से 5 गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही 2 पशुपालकों को राज्य सरकार की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति आशय-पत्र भी प्रदान किए।

भोपाल में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने कृभको एवं म.प्र. बॉयोडायवर्सिटी बोर्ड के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर परस्पर आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य भोपाल में हरित क्षेत्र का विस्तार करने के साथ जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और नागरिकों के लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण विकसित करना है। नगर वन के विकास से स्थानीय जैव विविधता को संरक्षण मिलेगा तथा शहर में हरित आवरण को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में मप्र में वर्तमान में मनाये जा रहे कृषक कल्याण वर्ष 2026 (बलराम कृषि महोत्सव) पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'मप्र में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात' विषयक एक आकर्षक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ल, कृषि कल्याण किसान एवं विकास मंत्री एदल सिंह कंषना, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, सांसद आलोक शर्मा, विधायकगण रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, विष्णु खत्री, महापौर मालती राय, एमडी कृभको एसएस यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा भोपाल सहित निकटवर्ती रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम एवं हरदा जिले की सभी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हजारों गौपालक सदस्य उपस्थित थे।

Tags:

Follow us

This question is not available..!