नईदिल्ली (23 अप्रैल 25)। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की छाया एक बार फिर सामने आ गई है। खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इस हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह खालिद है, जो ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) नाम की आतंकी इकाई का संचालन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से कर रहा है। मंगलवार को हुए इस आतंकी हमले में अब तक 27 पर्यटक मारे गए हैं, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आतंकियों ने हमला उस वक्त किया जब बड़ी संख्या में पर्यटक बैसरन घाटी में मौजूद थे।
मार्च 2025 में दिए गए एक वीडियो भाषण में, जिसकी पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है, सैफुल्लाह ने पाकिस्तान सरकार को चेताया था कि अगर कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नहीं उठाया गया, तो इसका अंजाम बुरा होगा। उसने कहा था: 'तुम कश्मीर को ठंडा करोगे, तो दुश्मन बलूचिस्तान को गर्म करेगा, खैबर पख्तूनख्वा को गर्म करेगा। तुम्हारी मस्जिदें, मदरसे, बाजार और देश की शांति बर्बाद कर देगा।' सैफुल्लाह ने 2019 की एक बैठक का भी हवाला दिया, जिसमें तत्कालीन पाकिस्तानी गृह मंत्री शहरयार अफरीदी मौजूद थे और आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कश्मीर के मुद्दे पर घुटने टेक दिए हैं। TRF की शुरुआत लश्कर की एक ऑनलाइन यूनिट के तौर पर हुई थी, लेकिन जल्दी ही यह सक्रिय आतंकी संगठन बन गया। भारत सरकार ने जनवरी 2023 में TRF को गैरकानूनी और आतंकी संगठन घोषित किया। 2024 में TRF पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लगाया गया। TRF सुरक्षाबलों और आम नागरिकों की हत्या, आतंकियों की भर्ती, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है।