नईदिल्ली (23 जुलाई 25)। लोकसभा में सोमवार को विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। यह हंगामा मुख्य रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' और बिहार में वोटर लिस्ट के गहन पुनरीक्षण (वोटर लिस्ट में बदलाव और नई लिस्ट बनाने की प्रक्रिया) पर चर्चा की मांग को लेकर हुआ। लोकसभा में जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्षी सदस्य तुरंत वेल (सदन के बीच का खाली स्थान) में आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। वे इन दोनों मुद्दों पर सदन में तुरंत चर्चा चाहते थे। विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण, स्पीकर ओम बिरला के पास सदन की कार्यवाही को स्थगित करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था।
उधर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दो बड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए सदन में नोटिस दिया और अपनी बात रखी। खड़गे ने सबसे पहले पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाया जो 22 अप्रैल को हुआ था। उन्होंने कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी हमलावर आतंकी अब तक पकड़े नहीं गए हैं और न ही मारे गए हैं। खड़गे ने बताया कि खुद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने यह माना है कि इस हमले में खुफिया एजेंसियों की तरफ से कोई चूक (इंटेलिजेंस फेल्योर) हुई थी। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में सदन को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि उनके हस्तक्षेप (हस्तक्षेप) से कोई युद्ध समाप्त हुआ है। खड़गे ने कहा कि ट्रंप ने यह बात 24 बार कही है और यह देश के लिए बहुत अपमानजनक है। उन्होंने इस मामले पर भी सरकार से स्पष्टीकरण और सदन में चर्चा की मांग की। खड़गे ने जोर देकर कहा कि उन्होंने ये सभी मुद्दे राज्यसभा के नियम 267 के तहत चर्चा के लिए उठाए हैं, जो नियमों के पूरी तरह अनुकूल है।