लंदन (21 अप्रैल 26)। भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने के लिए जनरल अनिल चौहान तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर ब्रिटेन पहुंचे हैं। यह किसी भारतीय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पहला आधिकारिक यूके दौरा है, इसलिए इसे ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे की शुरुआत 19 अप्रैल से हुई है, जहां जनरल चौहान का स्वागत ब्रिटेन के रक्षा प्रमुख रिचर्ड कनिघटन करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय सैन्य और कूटनीतिक बैठकें होंगी, जिनमें रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की जाएगी।
बातचीत का मुख्य फोकस तीन बड़े क्षेत्रों पर रहेगा सैन्य प्रशिक्षण, ऑपरेशनल सहयोग और रक्षा उद्योग में साझेदारी। दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बढ़ाने, सेनाओं के बीच तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) मजबूत करने और आधुनिक युद्ध तकनीकों के आदान-प्रदान पर जोर देंगे। इसके अलावा, रक्षा उत्पादन में 'को-प्रोडक्शन' यानी संयुक्त रूप से हथियार और उपकरण बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी, जिससे भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती मिल सकती है। दौरे के दौरान जनरल चौहान Royal College of Defence Studies का भी दौरा करेंगे, जहां वे विभिन्न देशों के सैन्य अधिकारियों और छात्रों से बातचीत करेंगे। यह मंच अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग और रणनीतिक सोच को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा, वे ब्रिटेन की रक्षा कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि नई तकनीक, इनोवेशन और रक्षा उत्पादन में साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।