पेशावर (20 नवंबर 25)। पाकिस्तान के नेता और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसने इस्लामाबाद की आतंकवाद नीति की पोल खोलकर रख दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हक खुलकर स्वीकार करता दिख रहा है कि पाकिस्तान में पनपाए गए आतंकियों ने लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक भारत में कई हमलों को अंजाम दिया।
वीडियो में चौधरी अनवारुल हक कहते हैं, 'मैंने पहले ही कहा था कि अगर आप बलूचिस्तान को खून से लथपथ रखते रहेंगे, तो हम लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक भारत पर हमला करेंगे। अल्लाह की मेहरबानी से हमने यह कर दिखाया और वे अब भी शव गिन नहीं पा रहे हैं। कुछ दिन बाद हथियारबंद लोग दिल्ली में घुसे और हमला कर दिया- शायद अभी तक वे सभी शवों की गिनती नहीं कर पाए हैं।' यह कबूलनामा ऐसे समय में सामने आया है जब 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। हक ने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान वह कई बार भारत की नरेंद्र मोदी सरकार को खुली चुनौती देता रहा। उसने कश्मीर के जंगलों में हुए हमले का भी जिक्र किया, इशारा साफ तौर पर पहलगाम आतंकी हमले की ओर था।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के नेताओं ने खुद अपने देश की आतंकवादी मंशाओं का पर्दाफाश किया हो। हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी स्वीकार किया था कि पाकिस्तान सरकार को फर्जी आतंकी हमलों से राजनीतिक लाभ मिलता है। अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के अनुसार, अफरीदी ने इस्लामाबाद पर खैबर क्षेत्र में शांति प्रयासों को विफल करने और आतंकवाद को अपने एजेंडे के लिए बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इन खुलासों ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है- क्या पाकिस्तान की सरकार और उसकी एजेंसियां ही सीमा पार आतंकी हमलों की असली पटकथा लिख रही हैं?