इस्लामाबाद (28 दिसंबर 24)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने दोनों देशों के रिश्तों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अफगान तालिबान के 15,000 से अधिक लड़ाके पाकिस्तान की सीमा की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके चलते पाकिस्तान ने अपनी सेना और वायुसेना को पेशावर और क्वेटा से तैनात कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना की कई टुकड़ियां अफगान सीमा के नजदीक पहुंच चुकी हैं, और सीमा पर सैन्य गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। हालांकि, अभी तक सीमा पर गोलीबारी की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है।
यह सैन्य टकराव तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के विभिन्न इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान ने यह हमला तब किया था जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकवादियों ने वजीरिस्तान के मकीन इलाके में पाकिस्तानी सेना के 30 जवानों को मार गिराया था। इस जवाबी एयरस्ट्राइक ने पाकिस्तान के इरादों को स्पष्ट कर दिया कि वह अपने सैनिकों की हत्या को बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके बाद तालिबान के लड़ाके अफगानिस्तान से पाकिस्तान की ओर बढ़ने लगे, और अब वे मीर अली क्षेत्र के पास पहुंच चुके हैं। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब किया और इस हमले की कड़ी निंदा की। अफगान सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई दोनों देशों के रिश्तों में दरार डालने की कोशिश है। अफगान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हाफिज जिया अहमद ने इसे एक अनुशासनहीन और गैरजिम्मेदाराना कदम बताया है। पाकिस्तान के इस हमले का संदर्भ उस समय से जुड़ा हुआ है जब तालिबान के आंतरिक तत्वों, जैसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), ने पाकिस्तान के सैनिकों पर हमले किए थे। इन हमलों ने पाकिस्तान को सैन्य कार्रवाई के लिए मजबूर किया, लेकिन इसके परिणामस्वरूप सीमा पर तनाव और बढ़ गया है। इस तनाव का असर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है