पेशावर (23 सितंबर 25)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य में देर रात हुए एक हवाई हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई बाहरी हमला नहीं था, बल्कि इस बार हमला खुद पाकिस्तान की वायुसेना ने अपनी ही ज़मीन पर किया है। आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए इस ऑपरेशन में आम नागरिकों की जान चली गई - जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
यह दिल दहला देने वाली घटना खैबर पख्तूनख्वा के तिराह घाटी क्षेत्र में स्थित मत्रे दारा गांव में घटी। रात करीब 2 बजे, पाकिस्तान एयरफोर्स के JF-17 लड़ाकू विमानों ने यहां LS-6 गाइडेड बम गिराए। रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 8 बम गिराए गए, जिससे गांव में भारी तबाही मच गई। इस हमले में करीब 30 लोगों की मौत हो गई है और 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। चश्मदीदों का कहना है कि हमले के समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, जिसके कारण उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। मरने वालों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे यह हमला और भी दर्दनाक बन गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी अचानक आसमान में लड़ाकू विमानों की तेज गड़गड़ाहट सुनाई दी। पहले तो लोग कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन फिर जैसे ही घरों से बाहर निकलकर ऊपर देखा, तो फिजा में नीचे गिरती हुई चमकती चीजें नजर आईं।
देखते ही देखते एक जबरदस्त धमाका हुआ- पहला बम गांव के बाहरी हिस्से में गिरा। लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे। लेकिन मुसीबत यहीं नहीं रुकी। कुछ ही पलों में एक के बाद एक कई बम गिरे, जिनमें से कुछ सीधे मकानों पर आकर फटे। धमाकों से इलाके में आग लग गई और पूरे गांव में चीख-पुकार गूंजने लगी। रातभर गांव दहशत और दर्द से कांपता रहा। अगली सुबह जब उजाला हुआ, तो हर ओर तबाही का मंजर था- जले हुए घरों का मलबा, टूटे हुए सामान और बेबस पड़ी लाशें। हालात काबू में लाने के लिए स्थानीय पुलिस और सेना की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू किया। कई घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है।