इस्लामाबाद (12 अप्रैल 26)। ईरान ने बातचीत में 10 बिंदुओं की योजना पेश की थी. इसमें मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना हटाने, प्रतिबंध खत्म करने, युद्ध की भरपाई और होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की मांग थी। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बहुप्रतीक्षित बातचीत आखिरकार किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। करीब 21 घंटे तक चली इस लंबी और अहम मीटिंग से उम्मीद थी कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को कम करने का रास्ता निकलेगा और जंग पर विराम लग सकेगा। लेकिन रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया कि उनकी टीम बिना किसी समझौते के पाकिस्तान से लौट रही है. इससे यह साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी काफी गहरे हैं और हालात जल्दी सुधरते नजर नहीं आ रहे। दोनों देशों के प्रतिनिधि लगातार 21 घंटे तक आमने-सामने बैठकर बातचीत करते रहे। इस दौरान कई दौर की चर्चा हुई और अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से विचार किया गया। लिखित प्रस्ताव भी एक-दूसरे को दिए गए, लेकिन कोई ऐसा रास्ता नहीं निकल पाया जिस पर दोनों सहमत हो सकें। अमेरिका चाहता था कि ईरान कुछ अहम मुद्दों पर साफ और मजबूत वादा करे. लेकिन ईरान ने इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ने अपनी सीमाएं साफ कर दी थीं, लेकिन ईरान उस पर सहमत नहीं हुआ।