कंधार (16 अक्टूबर 25)। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले एक हफ्ते से जारी रुक-रुककर होने वाले संघर्ष के बीच अब दोनों देशों ने 48 घंटे के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई है। यह युद्धविराम बुधवार शाम 6 बजे से लागू हो गया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने यह कदम हालिया सीमा झड़पों के बाद बढ़े तनाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'दोनों देश इस जटिल, लेकिन सुलझने योग्य मुद्दे का शांतिपूर्ण और सकारात्मक समाधान निकालने के लिए गंभीर और ईमानदार प्रयास करेंगे। मंत्रालय ने आगे कहा कि इस युद्धविराम का उद्देश्य राजनयिक संवाद को बढ़ावा देना, सीमा पर हिंसा को कम करना और आगे जान-माल की हानि को रोकना है। हाल के दिनों में सीमा पर हुई झड़पों में कई सैनिकों और नागरिकों की मौत के बाद यह कदम शांति बहाल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे पहले इस संघर्ष में दोनों ओर के सैनिकों और नागरिकों को नुकसान पहुंचा और आसपास के आवासीय क्षेत्रों में भी तबाही हुई। कंधार के मेडिकल स्टाफ ने कहा कि कम से कम 25 शव और 80 से अधिक घायल अस्पतालों में लाए गए, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। यह घटना अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव के बढ़ने के बीच हुई है, जिसमें हाल के दिनों में कई झड़पें और हवाई हमले शामिल हैं।
तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि पिछले सप्ताह अफगानी बलों की जवाबी कार्रवाई में 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 30 अन्य घायल हुए। इसके अलावा 20 पाकिस्तानी सुरक्षा चौकियां नष्ट कर दी गईं और कई हथियार कब्जे में लिए गए। मुजाहिद ने यह भी दावा किया कि अफगानिस्तान में ISIS-K पर जीत के बाद यह समूह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अपने ठिकाने स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया ISIS-K हमले पाकिस्तान के इन ठिकानों से संचालित किए गए और पाक सरकार से अनुरोध किया कि प्रमुख ISIS-K सदस्यों को काबुल को सौंपे।