नईदिल्ली (04 मई 25)। जम्मू कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया है। अब पाकिस्तान के जहाजों को भारतीय पोर्ट्स पर एंट्री करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने पाकिस्तान से सभी इंपोर्ट (आयात) भी बंद कर दिए हैं, जिसके चलते अब पाकिस्तानी जहाज भारतीय जल सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
भारत सरकार ने यह कड़ा कदम मर्चेंट शिपिंग अधिनियम, 1958 की धारा 411 के तहत उठाया है। इस धारा के तहत भारत सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण विदेशी जहाजों की एंट्री रोकने का अधिकार प्राप्त है। अब पाकिस्तान के झंडे वाले जहाज भारतीय जल सीमा में नहीं आ सकेंगे और भारतीय जहाजों को भी पाकिस्तान के पोर्ट्स पर जाने से मना कर दिया गया है। यह कदम भारत सरकार की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ लिया गया एक और सख्त कदम है, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच आयात-निर्यात का सिलसिला पूरी तरह से ठप हो गया है। भारत सरकार का यह फैसला सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए लिया गया है, और यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय जल सीमाओं में कोई भी अवांछित गतिविधि नहीं हो सके।
इसी कड़ी में भारत ने शनिवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए पाकिस्तान को भेजे जाने वाले सभी डाक और पार्सल सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। यह फैसला न सिर्फ कूटनीतिक तौर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करता है बल्कि यह भारत की कड़ी और स्पष्ट नीति का संकेत भी देता है। डाक विभाग ने यह आदेश जारी किया है कि अब हवाई या जमीनी मार्ग से पाकिस्तान को किसी भी तरह की डाक या पार्सल सेवा नहीं दी जाएगी। इसका मतलब है कि न तो व्यक्तिगत चिट्ठियां, न कोई कूरियर और न ही कोई व्यवसायिक सामग्री अब भारत से पाकिस्तान भेजी जा सकेगी। यह आदेश संचार मंत्रालय के अधीन डाक विभाग ने सीधे तौर पर जारी किया है और तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।