नईदिल्ली (14 मई 25)। भारत की हालिया एयरस्ट्राइक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने किराना हिल्स को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह सनसनी अफवाहें फैल गई। दावे किए गए कि भारत की कार्रवाई से वहां रेडियोएक्टिव रिसाव शुरू हो गया और स्थिति की जांच के लिए एक अमेरिकी विमान भी मौके पर भेजा गया। इन खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी। अब इन अटकलों पर अमेरिका ने पहली बार आधिकारिक बयान जारी किया है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम पर नई बहस छिड़ गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुख्य उप प्रवक्ता थॉमस पिगॉट ने 13 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि 'हमारे पास इस विषय पर फिलहाल कोई पूर्वावलोकन करने लायक जानकारी नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिका इन दावों की पुष्टि नहीं कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने पाकिस्तान के कई प्रमुख एयरबेस सरगोधा और नूर खान एयरबेस पर सटीक हवाई हमले किए थे। यही दोनों ठिकाने पाकिस्तान के परमाणु ढांचे के काफी करीब माने जाते हैं: नूर खान एयरबेस पाकिस्तान के न्यूक्लियर कमांड सेंटर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं सरगोधा एयरबेस किराना हिल्स से लगभग 20 किमी दूर है। यही वजह है कि इन हवाई हमलों के बाद सोशल मीडिया और कुछ रणनीतिक विशेषज्ञों ने दावा किया कि भारत ने किराना हिल्स के न्यूक्लियर साइट पर हमला किया, जिससे रेडियोएक्टिव रिसाव हुआ। इन दावों को लेकर भारतीय सेना की ओर से पहले ही स्पष्ट बयान आ चुका है कि ऐसा कोई हमला नहीं किया गया, जिससे किराना हिल्स की परमाणु फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा हो। भारतीय सेना ने इन खबरों को अफवाह और भ्रम फैलाने वाला बताया था।