भोपाल (29 मई 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए वोकल फॉर लोकल के विचार को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। यह हमारी पारंपरिक शिल्प कला, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। साथ ही वोकल फॉर लोकल का विचार स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाते हुए कारीगरों की आत्मनिर्भरता और उनके स्वावलंबन के लिए भी प्रभावी है। इस दिशा में ग्राम श्री ट्रस्ट द्वारा क्राफ्टरूट्स प्रदर्शनी के माध्यम से की गई पहल कारीगरों को नई पहचान और अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में क्राफ्टरूट्स हस्त शिल्प प्रदर्शनी के भोपाल हाट में शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा राज्यपाल पटेल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज ने भोपाल और इस संपूर्ण अंचल को विशेष पहचान दी है। इसके साथ ही देश लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती मना रहा है। देवी अहिल्याबाई ने महिला स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण के अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए क्राफ्ट यूनिवर्सिटी स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कारीगरों को एक राज्य से दूसरे राज्य आने-जाने में यात्रा के लिए राज्य सरकारों द्वारा सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए। महेश्वर में स्थापित धागा बैंक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कारीगरों को उनके कार्यस्थल के आसपास ही कच्चा माल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाना आवश्यक है। आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शासकीय अमले की कारीगरों के प्रति संवेदनशीलता, सहयोगी प्रवृत्ति और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की पहल से हस्तशिल्प को तेजी से प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में स्व-सहायता समूह और बालिका शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल भी उपस्थित थे।