नईदिल्ली (08 जून 26)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को सीबीएसई और 'कोएम्प्ट' के बीच 'मिलीभगत का पर्दाफाश' करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत और उनके सहयोगी निसर्ग अधिकारी की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि युवा ''रील बनाते रहें और पकौड़े तलते रहें'', लेकिन इन दोनों युवाओं ने सवाल उठाए और जवाब भी ढूंढ़ निकाले।
गांधी ने पिछले सप्ताह सार्थक सिद्धांत के साथ अपनी मुलाकात का एक वीडियो 'एक्स' पर साझा किया, जो सीबीएसई की 'ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम' (ओएसएम) से प्रभावित 18 वर्षीय छात्र है और जिसने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं में ओएसएम प्रक्रिया के लिए वेंडर के चयन की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने कहा, 'सार्थक 18 साल का है- पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं। उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया प्रतिष्ठान, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए- सीबीएसई और 'कोएम्प्ट' की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।' उन्होंने कहा कि देश का 18 साल का बच्चा सीबीआई से तेज निकला, नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, 'मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा रील बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आंखें न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे और जवाब भी ढूंढ़ निकाले।' उन्होंने कहा, 'यही है भारत की असली युवा शक्ति - जिज्ञासु, जागरूक, जानकार। और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।'
सीबीएसई ने 'कोएम्प्ट एडुटेक' कंपनी को 'ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम' (ओएसएम) का ठेका दिया था। बारहवीं कक्षा के परिणाम में कथित अनियिमितताओं के बाद यह विवादों में घिर गई। ओएसएम विवाद के बाद सरकार ने सीबीएसई के दो शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया है, हालांकि विपक्षी कांग्रेस ने इसे दिखावा और लीपापोती करार दिया है।