Wednesday, 30 Sep 2026

पीएम ने एआई के लिए MANAV का फॉर्मूला पेश किया

नईदिल्ली (20 फरवरी 26)। भारत की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 में पीएम मोदी ने भविष्य के भारत की एक नई तस्वीर पेश की। उन्होंने न केवल AI को भारत के लिए एक बड़ा अवसर बताया, बल्कि इसे 'ह्यूमन-सेंट्रिक' (मानव-केंद्रित) बनाने पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन के मंच से दुनिया को एक नया विजन दिया। उन्होंने कहा कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि इंसानियत की काबिलियत को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला माध्यम है।

पीएम ने 'Design and Develop in India' का आह्वान किया, जिसका उद्देश्य भारत को दुनिया का AI हब बनाना है। मानव विजन (MANAV Vision): पीएम ने एआई के लिए MANAV का फॉर्मूला पेश किया: M (Moral): नैतिक और एथिकल सिस्टम। A (Accountable): जवाबदेह प्रशासन और पारदर्शिता।

N (National Sovereignty): डेटा पर उसी का अधिकार, जिसका वह है। A (Accessible): एआई पर किसी का एकाधिकार न हो, यह सबके लिए सुलभ हो।

 V (Valid): तकनीक वैध और विश्वसनीय हो। सुरक्षा और ऑथेंटिसिटी: डीपफेक और फर्जी कंटेंट के खतरों पर चेतावनी देते हुए उन्होंने 'वॉटरमार्किंग' और 'ऑथेंटिसिटी लेबल' की जरूरत बताई ताकि असली और एआई-जेनरेटेड कंटेंट में फर्क किया जा सके। मास मूवमेंट: Skilling और Re-skilling को एक जन आंदोलन बनाने की अपील की। 

'India AI Impact Summit 2026' के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक प्रमुख निर्माता बनकर उभरा है। इस शिखर सम्मेलन ने साबित कर दिया है कि वैश्विक मंच पर AI को लेकर होने वाली चर्चाएं अब भारत के बिना अधूरी हैं। इसी के साथ पीएम मोदी ने कहा, टेक्नोलॉजी बनाना और अपनाना दोनों भारत के DNA में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई का उद्देश्य 'AI-केंद्रित' न होकर 'मानव-केंद्रित' होना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में AI शासन के लिए ‘MANAV’ फ्रेमवर्क पेश किया।

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