टैलिन (21 मई 26)। यूरोप के छोटे लेकिन प्रभावशाली देश एस्टोनिया ने भारत को यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में 'निर्णायक शक्ति' बताया है। एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस साकना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास रूस पर दबाव बनाने की क्षमता है और नई दिल्ली शांति प्रयासों में बड़ी भूमिका निभा सकती है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि युद्ध रोकने का अंतिम फैसला रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ही लेना होगा। एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस साकना ने कहा है कि भारत के पास यूक्रेन संघर्ष को समाप्त कराने के लिए रूस पर दबाव बनाने की क्षमता है और शांति लाने के प्रयासों में नयी दिल्ली एक 'बड़ी भूमिका' निभा सकता है। लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि अंततः रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 'अत्याचार' रोकना होगा।
साकना ने यह भी कहा कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन का आयोजन करने वाला है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत भी युद्धग्रस्त देश के पुनर्निर्माण में भागीदार बन सकता है। क्षेत्र में शांति लाने में भारत की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर, मंत्री ने कहा कि रूस चार वर्षों से अधिक समय से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़े हुए है। उन्होंने कहा कि 'संघर्ष को समाप्त करने के लिए रूस पर अधिक दबाव डालने या उससे बातचीत करने के मामले में भारत के पास क्षमता है।' उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, 'लेकिन सच कहूं तो, इस युद्ध को अभी समाप्त करने वाले एकमात्र व्यक्ति राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ही हैं। यूरोप और एस्टोनिया के लिए रूस एक सीधा खतरा है। हम यूरोप में कोई युद्ध नहीं चाहते, लेकिन दुर्भाग्य से, हमें (युद्ध) का सामना करना पड़ रहा है।' साकना ने कहा कि रूस पर अपना रुख और लक्ष्य बदलने के लिए किसी भी तरह का दबाव स्वागत योग्य होगा, क्योंकि यूक्रेन और यूरोप शांति चाहते हैं। यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस आयोजन में विश्व के नेता, दानदाता और निजी कंपनियां एक साथ आएंगी।