Wednesday, 30 Sep 2026

पुराने मॉडल ने छीने संसाधन, अब समावेशी विकास का समय: मोदी

जोहान्सबर्ग (22 नवंबर 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग पहुँचे। यहां पर यह सम्मेलन  23 नवंबर तक चलेगा। इस समिट को 'ग्लोबल साउथ' की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने सम्मेलन को संबोधित किया। इसके उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विकास की दिशा बदलने वाले तीन बड़े प्रस्ताव दुनिया के सामने रखे। प्रधानमंत्री मोदी ने समावेशी विकास पर जोर देते हुए कहा- 'पुराने विकास मॉडल ने संसाधन छीने हैं। अब समय आ गया है कि हम समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ें।'

मोदी ने वैश्विक विकास के लिए एक नई रणनीति अपनाने पर जोर दिया, जिसमें सभी देशों, विशेषकर ग्लोबल साउथ के हितों को प्राथमिकता दी जाए। पीएम मोदी का यह संबोधन विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक मजबूती देने पर केंद्रित था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि G20 दशकों से दुनिया की अर्थव्यवस्था को आकार देता रहा है, लेकिन अब विकास के नए मानक तय करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान विकास मॉडल ने बड़े समुदायों को संसाधनों से वंचित किया है और प्रकृति का अंधाधुंध दोहन बढ़ाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका सबसे अधिक असर अफ्रीका और ग्लोबल साउथ पर पड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि अफ्रीका पहली बार G20 समिट की मेजबानी कर रहा है, इसलिए अब सही समय है कि हम ऐसा विकास मॉडल अपनाएं जो सबको साथ ले और लंबे समय तक टिक सके। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन मूल्यों विशेषकर समग्र मानववाद का सिद्धांत, दुनिया को आगे बढ़ने का बेहतर रास्ता दिखाता है। भारत एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य की सोच को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सम्मेलन में पीएम मोदी ने वैश्विक समस्याओं से निपटने और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए ये तीन प्रमुख प्रस्ताव पेश किए और कई विश्व नेताओं से मुलाकात की। इसमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से हुई द्विपक्षीय बातचीत भी शामिल है, जहाँ दोनों नेताओं ने आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की।

Tags:

Follow us

This question is not available..!