भोपाल (11 मई 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। पुलिस के भरोसे पर ही सरकार सुशासन के मार्ग पर चलती है। राज्य की शांति और सुरक्षा व्यवस्था देशभक्ति और जनसेवा में समर्पित पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को सम्मानित कर मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। यह पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की दक्षता, योग्यता और क्षमता का ही परिणाम है कि उन्हें के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने जिस प्रकार से धाक और साख बनाई है वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। पुलिस विभाग में जो भी नवाचार किया जाना है, राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग उसके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए असधारण कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को वर्ष 2019-2020 और 2020-2021 के लिए रविन्द्र भवन में आयोजित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सम्मानित होने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दो वर्ष के पुरस्कार एक साथ दिये जा रहे है। कर्तव्यनिष्ठा और असाधारण कार्य के लिए प्रोत्साहन स्वरूप दिये जाने वाले यह पुरस्कार आगामी वर्षों में प्रति वर्ष प्रदान किये जायें। यह सुनिश्चित किया जाये कि पुरस्कार वितरण में भविष्य में विलंब न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। पहले पुलिस महानिदेशक (डीजी) स्तर पर 25 हजार रूपये तक के पुरस्कार दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50 हजार रूपये कर दिया गया है, जिससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का और अधिक उत्साहवर्धन हो सके। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों को उनके जिले में पात्रता अनुसार आवास उपलब्ध कराने के लिए हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित प्राधिकरणों से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहते हैं, इसलिए उनके व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं एवं कल्याण का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस कर्मी जिस प्रतिबद्धता से कार्य करते है वह सराहनीय है, उनके समर्पण के लिये मेरे मन में विशेष स्नेह और सम्मान का भाव है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब तक 418 पुलिस अधिकारियों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। दस्यु उन्मूलन, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण सहित अन्य कार्यों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। आज वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए यह पुरस्कार 101 पुलिसकर्मियों को दिया जा रहा है।