भोपाल (25 अगस्त 25)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराजसिंह चौहान और उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने भोपाल स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में सोमवार को आयोजित 'द्वादश (12वें) दीक्षांत समारोह' में उपाधि प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भारत की उज्ज्वलतम प्रतिभाओं को देश में ही बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से भावनात्मक आह्वान करते हुए कहा कि वे विदेशों में अवसर तलाशने के बजाय, भारत के विकास और नवाचार प्रणाली में सक्रिय योगदान दें। चौहान ने इस बात को रेखांकित किया कि सिलिकॉन वैली जैसे वैश्विक तकनीकी केंद्रों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रतिभाएं काम कर रही हैं। चौहान ने स्नातकों को प्रेरित किया कि वे अपनी योग्यता और कौशल का उपयोग भारत के हित में करें। उन्होंने 'ब्रेन ड्रेन' की प्रवृत्ति को उलटने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि युवा देश में ही सफल करियर और उद्यम खड़े करें, जिससे विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में भारत की नींव मजबूत हो। चौहान ने विद्यार्थियों को जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर, समाज और देश के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया। समारोह में संस्थान के विभिन्न संकायों बीएस में 51, बीएस-एमएस में 227, एम.एससी./एम.एस. में 56 एवं पीएच.डी. पाठ्यक्रम में 89, इस प्रकार कुल 423 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विशिष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में संस्थान द्वारा दिए जाने वाला राष्ट्रपति स्वर्ण पदक एवं निदेशक स्वर्ण पदक कौशिक मेधी (बीएस-एमएस) को दिया गया। समारोह में 16 छात्र- छात्राओं को प्रवीणता पदक और 6 विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ थीसिस पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह में संस्थान की इनोवेशन मैगजीन का विमोचन भी हुआ। समारोह में संस्थान के शासक मंडल के अध्यक्ष प्रो. अरविंद ए नातू एवं संस्थान के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के एचओडी, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।