इंदौर (14 सितंबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सांची दुग्ध संघ एवं कर्मचारियों को समितियों के माध्यम से सशक्त करते हुए प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। सांची दुग्ध संघ के किसी भी कर्मचारी अथवा आउटसोर्स कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। प्रदेश में वर्तमान दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लिये विशेष प्रयास किये जाएंगे। सांची ब्रान्ड को और सशक्त बनाया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में मांगलिया स्थित सांची दुग्ध प्लांट में आयोजित कर्मचारी संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सांची दुग्ध संघ के प्लांट का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण प्रेम से गोपाल कहलाए। उन्होंने गौमाता के प्रति प्रेम के कारण जीवन भर गोपाल कहलाने में आनंद महसूस किया। उन्होंने अपने मुकुट पर मोर पंख को स्थान दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने गौमाता को सदैव महत्व दिया। उन्होंने पशुपालन से जुड़कर आय के साधन के साथ-साथ जीवन अमृत (दुग्ध) से जुड़ने का संकेत दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में बूढ़े पशुधन के संरक्षण के लिये उन्हें गौ-शालाओं में रखा जा रहा है। गौ-शालाओं का अनुदान भी बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी हेतु विशेष सम्मेलनों का आयोजन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुग्ध संघ के कर्मचारियों से संवाद किया तथा उन्हें हर संभव सहयोग के लिए आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को साँची दुग्ध संघ की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।