नईदिल्ली (16 जनवरी 25)। महाकुंभ 2025, जो 13 जनवरी से शुरू हुआ है, को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने 2 लाख करोड़ की कमाई होने का अनुमान जताया है। यह आयोजन 45 दिनों तक चलेगा और लगभग 450 मिलियन श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा, खासकर पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में। अगर हर श्रद्धालु अपनी यात्रा के दौरान 5,000 खर्च करता है, तो यह मेला आसानी से 2 लाख करोड़ के अनुमान को छू सकता है। CAIT का मानना है कि इस मेले से 40,000 करोड़ का राजस्व स्थानीय होटलों, गेस्टहाउस और लॉज से आएगा, जो श्रद्धालुओं से भरे होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक आयोजनों पर लगभग 7,500 करोड़ खर्च किए हैं। लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, हेलीकॉप्टर सेवाएं लगभग 3.5 करोड़ प्रतिदिन का राजस्व उत्पन्न करेंगी। 45 दिनों तक, यह सेवा रोजाना 7,000 श्रद्धालुओं को 5,000 प्रति यात्रा के हिसाब से सेवा प्रदान करेगी। CAIT के सचिव जनरल प्रवीण कांधलवाल ने कहा, 'महाकुंभ में बड़े पैमाने पर आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियां होंगी। अनुमान के मुताबिक, हर व्यक्ति द्वारा 5,000 खर्च करने पर कुल खर्च 2 लाख करोड़ को पार कर जाएगा। इसमें होटल, गेस्टहाउस, अस्थायी आवास, भोजन, धार्मिक सामान, स्वास्थ्य सेवा और अन्य सेवाओं का खर्च शामिल है।' सीआईएटी ने अनुमान लगाया है कि खाद्य और पेय पदार्थ उद्योग इस मेले से 20,000 करोड़ का योगदान करेगा। इसके अलावा, धार्मिक सामान जैसे अगरबत्ती, दीपक और मूर्तियों से भी 20,000 करोड़ की आय हो सकती है।