Wednesday, 30 Sep 2026

प. एशिया की स्थिति, रसोई गैस संकट पर संसद में चर्चा हो: खरगे

नईदिल्ली (12 मार्च 26)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि पश्विम एशिया युद्ध और देश में रसोई गैस के कथित संकट को लेकर संसद में चर्चा कराई जानी चाहिए तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में इस पर जवाब दें। उन्होंने यह भी कहा कि देश को सच जानने का अधिकार है। खरगे ने एक्स पर पोस्ट किया, 'मोदी सरकार के नकली सूत्र आधारित आश्वासन उसकी पूर्ण अक्षमता को उजागर करते हैं। पश्चिम एशिया में आसन्न युद्ध के बारे में पूर्वानुमान था। फिर भी सरकार ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए कुछ नहीं किया।  अब संकट गहराता जा रहा है और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।' 

खरगे ने दावा किया कि ईंधन की कमी से कृषि और उर्वरक आपूर्ति प्रभावित होने से सबसे पहले किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर का सीमित वितरण, गैस भरवाने के लिए लंबी कतारें, वाणिज्यिक सिलेंडर की भारी कमी और घरेलू सिलेंडर के लिए 25 दिन तक की प्रतीक्षा की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि रेस्तरां और छोटे भोजनालय बंद हो रहे हैं तथा जमाखोरी और कालाबाजारी फैल रही है। उनका कहना है, 'नोटबंदी के समय हमें बताया गया कि 50 दिनों में नकदी की कमी खत्म हो जाएगी... कोविड महामारी के समय हमें बताया गया कि यह कोई गंभीर आपात स्थिति नहीं है, जबकि देश ने गंगा में शव और विनाशकारी कुप्रबंधन देखा। पश्चिम एशिया युद्ध के समय अब हमें बताया गया है कि भारत के पास 74 दिनों का तेल और ऊर्जा भंडार है। स्थिति गंभीर बनी हुई है।' उन्होंने कहा कि देश को सच जानने का हक है। खरगे ने कहा, 'हम इस संकट पर संसद में पूरी चर्चा की मांग करते हैं और प्रधानमंत्री को देश को जवाब देना चाहिए।' कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने आरोप लगाया कि देश में रसोई गैस की कथित किल्लत मोदी सरकार की नीतियों का नतीजा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर जनता कितना बर्दाश्त करेगी?   

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