नईदिल्ली (20 जुलाई 25)। सरकार ने बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए यूजर्स को सावधान रहने की कड़ी चेतावनी दी है। सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल ने एक नई एडवाइजरी जारी कर लोगों को अपने स्मार्टफोन से कुछ खास ऐप्स को हटाने और उन्हें भविष्य में डाउनलोड न करने की सख्त सलाह दी है। एडवाइजरी के मुताबिक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स अब साइबर क्रिमिनल्स के सबसे बड़े हथियार बन चुके हैं, जिनके जरिए वे यूजर्स के बैंक खातों तक आसानी से पहुंच बना लेते हैं।
सरकार की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई यूजर्स अनजाने में ऐसे ऐप्स को इंस्टॉल कर लेते हैं जो फोन की स्क्रीन साइबर अपराधियों के साथ साझा करते हैं। जब कोई यूजर इस तरह का ऐप डाउनलोड करता है और उसे सभी जरूरी परमिशन देता है, तो उसकी स्क्रीन पर आने वाले ओटीपी, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य संवेदनशील जानकारी अपराधियों को तुरंत मिल जाती है। इसके बाद वे आसानी से यूजर्स के बैंक खातों से पैसे निकाल सकते हैं। सरकारी पोर्टल ने खासतौर पर यह कहा है कि ऐसे ऐप्स को तुरंत अपने फोन से डिलीट करें और भविष्य में इंस्टॉल न करें। इनमें TeamViewer, AnyDesk और अन्य रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग वाले ऐप्स शामिल हैं। इन ऐप्स के ज़रिए साइबर अपराधी यूजर के डिवाइस का नियंत्रण हासिल कर सकते हैं।
किसी भी ऐप को इंस्टॉल करते समय वह यूजर्स से कई परमिशन मांगता है, लेकिन अधिकतर यूजर्स बिना पढ़े सभी परमिशन स्वीकार कर लेते हैं। यहीं पर सबसे बड़ी गलती होती है। यही परमिशन बाद में आपकी निजी जानकारी को खतरे में डाल सकती हैं।