कराची (19 जुलाई 26)। फ्रांस ने पाकिस्तान के कराची स्थित अपने महावाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट जनरल) को स्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। यह निर्णय फ्रांसीसी सरकार की वैश्विक स्तर पर बजट में कटौती और विदेशों में अपने राजनयिक नेटवर्क को छोटा एवं अधिक प्रभावी बनाने की नीति के तहत लिया गया है।
कराची में फ्रांस के महावाणिज्यदूत एलेक्सिस शहताहतिंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस बैस्टिल डे के अवसर पर आयोजित समारोह में इस फैसले की घोषणा की।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल वित्तीय कारणों से उठाया गया है और इसका पाकिस्तान के साथ फ्रांस के रिश्तों पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।महावाणिज्यदूत ने कहा कि कराची स्थित मिशन बंद होने के बाद भी फ्रांस और पाकिस्तान के बीच राजनयिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंध पहले की तरह मजबूत बने रहेंगे। भविष्य में अधिकांश कांसुलर और राजनयिक कार्य इस्लामाबाद स्थित फ्रांसीसी दूतावास के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि कॉन्सुलेट बंद होने का मतलब यह नहीं है कि वह कराची से पूरी तरह हट रहा है। शहर में फ्रांस की मौजूदगी तीन प्रमुख संस्थाओं के जरिए जारी रहेगी। फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। फ्रांस दुनिया के कई देशों में अपने राजनयिक ढांचे की समीक्षा कर रहा है ताकि सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके और विदेशों में अपने मिशनों को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।