Monday, 28 Sep 2026

बच्चियां अर्धनग्न दिखाई देती हैं, इसमें संस्कार की कमी: साध्वी प्रज्ञा

वृंदावन (08 सितंबर 25)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की पूर्व BJP सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिव-इन रिलेशन को लेकर दिए गए विवादित बयान का समर्थन किया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि जब माता-पिता बच्चों को संस्कार नहीं दे पाते, तो बच्चियां अर्धनग्न दिखाई देती हैं और इससे समाज में दुराचार भी बढ़ते हैं। प्रज्ञा ठाकुर 31 जुलाई को मालेगांव ब्लास्ट केस से बरी होने के बाद वृंदावन पहुंचीं। यहां उन्होंने गौरी गोपाल आश्रम में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से मुलाकात की। इस दौरान उनकी बहन उपमा सिंह ठाकुर भी मौजूद रहीं।

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य ने जो कहा, वह समाज की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘जब समाज में इस तरह के परिदृश्य बढ़ने लगते हैं, तो दुराचार की घटनाएं भी बढ़ती हैं। माताओं को बेटियों को मर्यादा सिखानी चाहिए और पिताओं को बेटों को अनुशासन का महत्व समझाना चाहिए। बेटा-बेटी दोनों पर समान नियम लागू हों।‘ उन्होंने आगे कहा कि ‘घर लौटने का समय हो या अनुशासन से जुड़े नियम, ये सभी बच्चों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो समाज में विकृति और पाश्चात्य सोच बढ़ेगी और रिश्तों की पहचान तक कठिन हो जाएगी’।

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि चाहे कोर्ट कुछ भी कहे, लेकिन सनातन धर्म में लिव-इन संबंध स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शब्दों की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है और इस तरह की प्रथाओं का विरोध होना चाहिए। प्रज्ञा ठाकुर ने संयुक्त परिवार को बच्चों के विकास के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात में इसके अच्छे उदाहरण हैं, जहां अधिकांश लोग संयुक्त परिवार में रहते हैं। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी कुछ हद तक यह परंपरा दिखती है, लेकिन कई राज्यों में लोग अकेले रहना पसंद करते हैं। 

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