नईदिल्ली (02 फरवरी 26)। कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को फीका और निराशाजनक करार देते हुए रविवार को कहा कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा और इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मोदी सरकार हर आर्थिक विफलता के लिए अब तक पूर्ववर्ती सरकारों को दोष देती रही है, लेकिन इतने लंबे समय के बाद यह तर्क पूरी तरह खोखला हो चुका है। खरगे ने सवाल उठाया कि क्या बजट उन आर्थिक मोर्चों पर ठोस समाधान देगा, जहां हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिरते आंकड़े सरकार की 'अपनी विरासत' को उजागर कर रहे हैं। इसके पूर्व कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी संसद पहुँचने पर कह चुकीं थीं कि इस बजट से मुझे कोई उम्मीद नहीं है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अर्थव्यवस्था की ढांचागत समस्याओं और गिरते प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर चिंता जताई और वित्त मंत्री से ईमानदारी से समाधान की उम्मीद की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे 'विकृत बजट' बताते हुए कहा कि यह सुधार के लिए नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का बजट केवल 5% आबादी के लिए होता है और यह केवल अपने लोगों को लुभाने की कोशिश है। आप सांसद ने पुराने वादों का हिसाब मांगते हुए पूछा कि हर साल 2 करोड़ नौकरियों के हिसाब से 24 करोड़ नौकरियां कहां हैं? उन्होंने काला धन और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।